ड्रग्स के खिलाफ अमेरिका की कड़ी कार्रवाई, मिसाइल हमले में 3 लोगों की मौत
वॉशिंगटन: अमेरिका में नशीले पदार्थों की तस्करी (Drug Trafficking) को जड़ से मिटाने के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन अब 'जीरो टॉलरेंस' नीति पर उतर आया है। ड्रग्स माफियाओं के खिलाफ जारी इस युद्ध में अमेरिकी सेना ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए ईस्टर्न पैसिफिक सागर क्षेत्र में ड्रग्स से लदी एक संदिग्ध नाव को मिसाइल हमले में पूरी तरह नेस्तनाबूद कर दिया है।
सटीक मिसाइल हमले में नाव हुई खाक
जानकारी के अनुसार, यह सैन्य कार्रवाई 26 अप्रैल 2026 को अंजाम दी गई। अमेरिकी सेना की साउथर्न कमांड (Southcom) के जनरल फ्रांसिस डोनोवन के आदेश पर 'जॉइंट टास्क फोर्स साउथर्न स्पीयर' यूनिट ने इस ऑपरेशन को लीड किया। जैसे ही ड्रग्स से लदी नाव की लोकेशन पुख्ता हुई, अमेरिकी सेना ने उस पर सटीक मिसाइल दाग दी। हमले में नाव पर मौजूद भारी मात्रा में ड्रग्स जलकर राख हो गए और नाव समुद्र में समा गई।
3 'नार्को-आतंकी' ढेर, सेना ने साझा किया वीडियो
साउथर्न कमांड द्वारा साझा किए गए वीडियो और आधिकारिक जानकारी के मुताबिक:
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इस हमले में नाव पर सवार 3 लोगों की मौत हो गई है।
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अमेरिकी सेना ने इन मृतकों को अपराधी न मानकर 'नार्को-आतंकी' (Narco-Terrorists) घोषित किया है।
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इस पूरे ऑपरेशन में अमेरिकी सेना का कोई भी जवान हताहत नहीं हुआ है।
सितंबर से जारी है 'ऑपरेशन नार्को'
अमेरिका पिछले साल सितंबर से ड्रग्स तस्करी के खिलाफ एक व्यापक और आक्रामक अभियान चला रहा है। राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया है कि अमेरिकी युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले तस्करों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

ट्रंप की कड़ी चेतावनी
यह अभियान दर्शाता है कि अमेरिका अब ड्रग्स तस्करी को केवल अपराध नहीं बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक बड़े खतरे (आतंकवाद) के रूप में देख रहा है। सैन्य कमांड के अनुसार, आने वाले दिनों में कैरेबियन सागर और प्रशांत महासागरीय क्षेत्रों में गश्त और हवाई हमलों को और भी तेज किया जाएगा ताकि अमेरिका की सीमाओं के भीतर नशे की पहुंच को पूरी तरह रोका जा सके।
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