हवाला के जरिए होता था करोड़ों का लेनदेन, दवा माफिया का काला कारोबार उजागर
नई दिल्ली। देशभर में सक्रिय एक बेहद शातिर गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है, जो न केवल सरकारी अस्पतालों की दवाओं की हेराफेरी कर रहा था, बल्कि एक्सपायर हो चुकी दवाओं की री-पैकेजिंग कर उन्हें फिर से बाजार में उतार रहा था। पुलिस की अपराध शाखा (क्राइम ब्रांच) ने मनोज कुमार जैन और राजू कुमार मिश्रा के नेतृत्व में चल रहे इस खतरनाक नेटवर्क का खुलासा किया है।
ट्रेन पार्सल और हवाला का जाल
पूछताछ के दौरान गिरोह ने स्वीकार किया कि वे नकली और अवैध दवाओं को बड़े कार्टन में पैक करते थे और पहचान छिपाने के लिए उन्हें ट्रेन पार्सल के माध्यम से देश के विभिन्न कोनों में भेजते थे। इस अवैध कारोबार में पैसों का लेनदेन पूरी तरह हवाला के जरिए किया जाता था, ताकि बैंकिंग सिस्टम की नजरों से बचा जा सके।
जानलेवा जालसाजी: खाली पाउडर से बना रहे थे जीवनरक्षक दवाएं
आरोपियों ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि वे कई महत्वपूर्ण और महंगी दवाओं के नाम पर केवल 'खाली पाउडर' भरकर बेच रहे थे। कुछ रुपयों में तैयार होने वाली इन फर्जी दवाओं को बाजार में हजारों रुपये की कीमत पर बेचा जा रहा था। गिरोह के सदस्यों को इस बात का रत्ती भर भी मलाल नहीं था कि इन दवाओं के सेवन से किसी मरीज की जान भी जा सकती है।
री-पैकेजिंग और री-लेबलिंग का खेल
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि यह गिरोह पुरानी और एक्सपायर हो चुकी दवाओं को भारी मात्रा में खरीदता था। इसके बाद, उनकी पुरानी पैकिंग हटाकर नई री-पैकेजिंग और री-लेबलिंग की जाती थी, जिससे वे दवाएं बिल्कुल नई और इस्तेमाल के योग्य दिखने लगती थीं।
यूपी, एमपी और पंजाब तक फैला नेटवर्क
गिरोह के एक सदस्य विक्रम उर्फ सन्नी ने बताया कि प्रयागराज सहित उत्तर प्रदेश के कई शहरों की डिस्पेंसरी और अस्पतालों में उसके गहरे संपर्क हैं। वहीं, एक अन्य आरोपी वतन के खिलाफ मध्य प्रदेश के रीवा में नशीले पदार्थों की तस्करी का पुराना मामला भी दर्ज है।
पुलिस की कार्रवाई और छापेमारी
फिलहाल, पुलिस की टीमें इस गिरोह से जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश में दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, चंडीगढ़ और प्रयागराज समेत कई स्थानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही हैं।
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डिजिटल जांच: आरोपियों के मोबाइल फोन और दस्तावेजों को जब्त कर लिया गया है।
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भागीरथ पैलेस पर नजर: दिल्ली के प्रमुख दवा बाजार, भागीरथ पैलेस में भी सप्लाई चेन की जांच के लिए पुलिस टीम तैयारी कर रही है।
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