*त्वरित टिप्पणी*
*जुबेर कुरैशी*

​मध्य प्रदेश की राजनीति इन दिनों विधानसभा की दीर्घाओं से ज्यादा अदालतों के गलियारों में हलचल पैदा कर रही है। विधायकों की सदस्यता, दलबदल और पुराने कानूनी मामलों ने प्रदेश में एक अनिश्चितता का माहौल बना दिया है। दतिया विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता जिस 'बिजली की गति' से रद्द की गई, उसने राजनीतिक शुचिता और प्रशासनिक निष्पक्षता पर राजनीतिक दलों द्वारा  नई बहस छेड़ दी है।
​ *कानून बनाम नैतिकता का द्वंद्व*
जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 8(3) और सुप्रीम कोर्ट का 'लिली थॉमस' फैसला स्पष्ट कहता है कि 2 साल या उससे अधिक की सजा होने पर सदस्यता स्वतः समाप्त हो जाती है। तकनीकी रूप से राजेंद्र भारती के मामले में प्रशासन सही हो सकता है, लेकिन आधी रात को विधानसभा सचिवालय खोलकर की गई कार्रवाई ने 'लोकतांत्रिक परंपराओं' पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जब निर्मला सप्रे और सचिन बिरला जैसे दलबदल के मामलों में महीनों तक फैसला लंबित रहता है, तब विपक्षी विधायक के खिलाफ ऐसी 'मुस्तैदी' सत्ता पक्ष की नीयत पर संदेह पैदा करती है।
​ *अदालतों में उलझी मध्य प्रदेश की 'विधायकी'*
राजेंद्र भारती अकेले नहीं हैं। मुकेश मल्होत्रा, अभय मिश्रा, निर्मला सप्रे और आरिफ मसूद जैसे कई नाम हैं जिनकी किस्मत का फैसला अब जनता नहीं, बल्कि अदालतें करेंगी। यह स्थिति चिंताजनक है क्योंकि:
​क्षेत्र की जनता का प्रतिनिधित्व: कानूनी लड़ाई में उलझे रहने के कारण विधायकों का ध्यान विकास कार्यों से भटक जाता है।
​संवैधानिक मर्यादा: जज को फोन करने जैसे आरोपों में संजय पाठक पर क्रिमिनल कंटेंप्ट की कार्रवाई न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर जनप्रतिनिधियों के बढ़ते दबाव को दर्शाती है।
​जाति और सूचनाओं का खेल: गौतम टेटवाल और अभय मिश्रा के मामलों से यह साफ है कि चुनाव जीतने के लिए हलफनामों में जानकारी छिपाना या फर्जी दस्तावेजों का सहारा लेना एक गंभीर चुनावी बीमारी बन चुकी है।

सत्ता और विपक्ष के बीच चल रहे इस 'कानूनी दंगल' में हार अंततः उस आम जनता की हो रही है, जिसने अपने प्रतिनिधि को विधानसभा में अपनी आवाज उठाने के लिए भेजा था। यदि विधानसभा अध्यक्ष और सचिवालय दलबदल और सदस्यता के मामलों में एक समान फुर्ती और निष्पक्षता दिखाएं, तो ही लोकतंत्र की गरिमा अक्षुण्ण रहेगी। फिलहाल, मध्य प्रदेश की राजनीति 'परफॉर्मेंस' के दौर से निकलकर 'प्रिजर्वेशन' अपनी कुर्सी बचानके दौर में पहुंच गई है।

न्यूज़ सोर्स : Naradmunilive