छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का दौर जारी, लोगों की मुश्किलें बढ़ीं
रायपुर: बिलासपुर-रायपुर संभाग में बुधवार को मौसम ने अपना रौद्र रूप दिखाया। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, संभाग के कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई, जबकि कुछ क्षेत्रों में अति भारी बारिश भी हुई। रायपुर व आसपास के जिलों में सुबह सात बजे से शुरु हुई बारिश रात 11 बजे तक जारी रही। इससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया।
कई निचली बस्तियों में जल भराव व सड़कों में भी पानी भर गया। लगातार हुई बारिश के कारण तापमान में सामान्य से सात डिग्री तक गिर गया है। रायपुर में अधिकतम तापमान 25.8 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 24.5 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार रायपुर में 50 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। राजधानी में सबसे ज्यादा बारिश माना कैंप में 77 मिमी दर्ज की गई। लगातार बारिश से रेल और हवाई सेवा प्रभावित नहीं हुई।
बरमकेला के किकारी नाले में बही कार
रायगढ़ में मंगलवार शाम से बारिश हो रही है, इससे नाले उफान पर हैं। शहरी और ग्रामीण जनजीवन प्रभावित है। बरमकेला के विक्रमपाली के पास किकारी नाला भी बारिश से उफान पर है। नाला पार करते समय ओड़िशा पासिंग स्विफ्ट कार फंस गई। इसमें महिला सहित तीन लोग सवार थे। चालक ने पहले दो सवारों को सुरक्षित स्थान पर उतारा और कार को लेकर पुलिया पार करने का प्रयास करने लगा।
इसी दौरान तेज बहाव के कारण कार पुलिया पार नहीं कर पाई और नाले में बह गई। देखते ही देखते कार पानी में नाव की तरह बहने लगी। कार चालक काफी मशक्कत के बाद शीशा खोलकर बाहर छलांग लगाकर अपनी जान बचाने में सफल रहा। इसका वीडियो स्थानीय लोगों ने इंटरनेट मीडिया में प्रसारित किया है ।
ऐसा रहा बारिश का आंकड़ा
बिलासपुर में अधिकतम तापमान 29.4 डिग्री, न्यूनतम 24.4 डिग्री और बारिश 22.7 मिमी दर्ज की गई। पेंड्रारोड में 29.6 डिग्री अधिकतम, 23.2 डिग्री न्यूनतम और बारिश 1.4 मिमी रही। अम्बिकापुर में अधिकतम तापमान 32.1 डिग्री और न्यूनतम 23.2 डिग्री दर्ज हुआ। जगदलपुर में अधिकतम 28.7 डिग्री, न्यूनतम 22 डिग्री और 10.2 मिमी बारिश रिकार्ड की गई। सोनाखान में 18 मिमी, पगौरी टुंड्रा 16 मिमी, सरसीव 15 मिमी, सेवरीन रायगढ़ 13 मिमी, सरंगढ़ 12 मिमी और पिलईगढ़ 12 मिमी बारिश रिकार्ड की गई।
अगले 24 के लिए चेतावनी जारी
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए चेतावनी जारी की है। विभाग ने कहा है कि प्रदेश में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही एक-दो स्थानों पर गरज और बिजली के साथ भारी बारिश और वज्रपात की संभावना भी बनी हुई है।
मौसम विज्ञानियों के अनुसार 25-27 सितंबर के बीच उत्तर पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बनने वाले निम्न दाब के कारण बस्तर संभाग और उससे लगे जिलों में अति भारी बारिश होने की संभावना है। विशेषकर मध्य और दक्षिणी छत्तीसगढ़ में नदी-नाले उफान पर आने और जलभराव की संभावना पर सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
महानदी उफनी
इधर महानदी उफनने से तटवर्ती निचले इलाके की बस्तियों में पानी भर रहा है। नेशनल हाईवे 53 स्थित महानदी में पुल के नीचे एक युवक पानी के तेज बहाव के बीच फंसा हुआ है। इसकी जानकारी मिलते ही आरंग पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची है। अंधेरा होने और तेज बहान के कारण युवक का रेस्क्यू करने में बचान दल को थोड़ी दिक्कत हो रही। पूरा मामला आरंग के पारागांव का है।
मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ा
जलजमाव ने मौसमी बीमारियों का खतरा भी बढ़ा दिया है। रुके हुए पानी में मच्छर पनप रहे हैं, जिससे डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों का प्रकोप बढ़ सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि वे अपने घरों के आसपास पानी जमा न होने दें और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। दूषित पानी से हैजा और टाइफाइड जैसी बीमारियों का भी खतरा है, इसलिए उबला हुआ पानी पीने की सलाह दी गई है।
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