अंपायर के फैसले पर बहस करना माना जाता है अनुशासनहीनता
IPL 2026: जीत के बावजूद KKR को लगा झटका, युवा स्टार अंगकृष रघुवंशी पर लगा भारी जुर्माना; जानें क्या है पूरा विवाद
आईपीएल 2026 के 38वें मुकाबले में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) ने लखनऊ सुपर जाएंट्स के खिलाफ रोमांचक जीत तो दर्ज की, लेकिन टीम के उभरते हुए बल्लेबाज अंगकृष रघुवंशी के लिए यह मैच विवादों भरा रहा। मैदान पर खराब व्यवहार और अनुशासनहीनता के चलते आईपीएल गवर्निंग काउंसिल ने उन पर कड़ी कार्रवाई की है।
मैदान पर आपा खो बैठे रघुवंशी: क्या थी वजह?
यह पूरा विवाद मैच के पांचवें ओवर के दौरान शुरू हुआ। क्रीज पर बल्लेबाजी कर रहे अंगकृष रघुवंशी को अंपायर ने 'ऑब्स्ट्रक्टिंग द फील्ड' (फील्डिंग में बाधा डालना) के नियम के तहत आउट करार दिया। अंपायर के इस फैसले से रघुवंशी पूरी तरह असहमत दिखे और मैदान से बाहर जाते समय उनका गुस्सा फूट पड़ा।
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अमर्यादित व्यवहार: पवेलियन लौटते समय रघुवंशी ने गुस्से में आकर अपने बल्ले से बाउंड्री पर लगे कुशन को जोर से मारा।
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उपकरणों का अनादर: डगआउट के करीब पहुँचते ही उन्होंने अपना हेलमेट भी हवा में उछाल दिया, जो टीम के अन्य सदस्यों और मैदान पर मौजूद सामान के लिए जोखिम भरा हो सकता था। उनका यह व्यवहार कैमरे में कैद हो गया और इसे आईपीएल की गरिमा के खिलाफ माना गया।
आईपीएल आचार संहिता
मैच रेफरी ने रघुवंशी के इस आचरण को 'लेवल-एक' का अपराध माना है। आईपीएल द्वारा जारी आधिकारिक विज्ञप्ति में सजा का विवरण दिया गया है:
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वित्तीय दंड: खिलाड़ी पर उनकी मैच फीस का 20 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया है।
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डिमेरिट प्वाइंट: उनके अनुशासनात्मक रिकॉर्ड में एक डिमेरिट प्वाइंट भी जोड़ दिया गया है, जो भविष्य में निलंबन का कारण बन सकता है।
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नियम का उल्लंघन: उन्होंने आईपीएल आचार संहिता के आर्टिकल 2.2 का उल्लंघन किया है, जो खेल के दौरान क्रिकेट उपकरणों या मैदान की संपत्ति के दुरुपयोग से संबंधित है।
खिलाड़ी ने स्वीकार की अपनी भूल
सजा की घोषणा के बाद अंगकृष रघुवंशी ने बिना किसी अपील के अपनी गलती स्वीकार कर ली है। उन्होंने मैच रेफरी द्वारा सुनाए गए फैसले को मान लिया है। आईपीएल के नियमों के तहत, लेवल-एक के मामलों में मैच रेफरी का निर्णय ही अंतिम और सर्वमान्य होता है, इसके खिलाफ अपील नहीं की जा सकती।
युवा खिलाड़ियों के लिए बड़ी सीख
कोलकाता नाइट राइडर्स ने भले ही यह मैच सुपर ओवर में जीत लिया हो, लेकिन रघुवंशी के इस आक्रामक बर्ताव ने टीम के प्रबंधन को चिंता में डाल दिया है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि एक युवा खिलाड़ी से, जो अभी अपना करियर बना रहा है, इस तरह के गैर-पेशेवर व्यवहार की अपेक्षा नहीं की जाती। मैदान पर भावनाओं पर नियंत्रण रखना उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि बल्ले से रन बनाना। यह जुर्माना अन्य युवा खिलाड़ियों के लिए भी एक सबक है कि आईपीएल में खेल भावना और अनुशासन सर्वोपरि है।
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