फर्जी नियुक्ति और रंगदारी वसूली में रेयाज अहमद पर गैंगस्टर केस दर्ज
बहादुरगंज (गाजीपुर)। बहादुरगंज चेयरमैन व डी-131 गैंग का सरगना रेयाज अहमद अंसारी को कासिमाबाद पुलिस ने सोमवार को उसके घर से दबोच लिया। वहीं उसकी पत्नी निकहत परवीन सहित तीन अन्य की तलाश की जा रही है। पुलिस ने चारों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
रेयाज खुद को मृत माफिया मुख्तार अंसारी का करीबी बताकर इलाके में दहशत फैलाता था। उसके साथी धमकाकर रंगदारी वसूलते और अदालतों में गवाहों को दबाव में लेते थे। इसी वजह से लोग इनके खिलाफ गवाही देने से कतराते रहे। रेयाज और निकहत पहले भी गैंगस्टर एक्ट में जेल जा चुके हैं और हाल ही में जमानत पर बाहर थे।
शनिवार को गैंगस्टर एक्ट का नया मुकदमा दर्ज होने के बाद कासिमाबाद एसओ नंद कुमार तिवारी ने रविवार को छापेमारी कर रेयाज को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
फर्जी नियुक्ति का आरोप
रेयाज और उसके साथियों पर आरोप है कि उन्होंने मदरसतुल मसाकीन, बहादुरगंज के प्रबंधन में फर्जी नियुक्ति कराई। कूटरचित दस्तावेज बनवाकर गलत तरीके से पद और अधिकार हासिल किए। इसी साजिश के तहत निकहत परवीन को सहायक अध्यापक की नौकरी दिलाई गई, जिसे बाद में निरस्त कर दिया गया। इसमें तत्कालीन प्रबंधक नजीर अहमद और परवेज जमाल की मिलीभगत बताई गई।
गिरफ्तारी में लापरवाही पर गिरे गाज
इससे पहले रेयाज पर कार्रवाई न होने पर एसपी डॉ. ईरज राजा ने तत्कालीन कासिमाबाद एसओ शैलेंद्र कुमार पांडेय और नोनहरा एसओ दीपक कुमार पाल को निलंबित कर दिया था। नोनहरा एसओ मामले के विवेचक थे और उनकी लापरवाही के कारण गिरफ्तारी टलती रही।
रेयाज अहमद का आपराधिक इतिहास
2013 से अब तक 13 से अधिक मुकदमे दर्ज।
रंगदारी, धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज, कब्जेदारी और हत्या के प्रयास जैसे गंभीर आरोप।
कई मामलों में आरोपपत्र दाखिल, मुकदमे अदालत में लंबित।
पत्नी निकहत परवीन भी कई मामलों में सह-अभियुक्त।
पहले भी गैंगस्टर एक्ट में जेल जा चुके हैं।
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