विदेशी निवेशकों का भारतीय बाजार पर दांव Q1 2025 में ₹16,000 करोड़ झोंके
गौतम अडानी और राजीव जैन दोनों के बीच की करीबी को आज के समय में हर कोई जानता है. एक वक्त था जब 24 जनवरी 2023 को अमेरिका की शॉर्ट सेलिंग फर्म हिंडनबर्ग रिसर्च ने गौतम अडानी और उनकी लिस्टेड कंपनियों को लेकर एक रिपोर्ट निकली थी. जिसमें अडानी ग्रुप पर कई सारे गंभीर आरोप लगाए थे. जैसे ही ये रिपोर्ट आई अडानी के स्टॉक्स में बड़ा क्रैश देखने को मिला था. जिसके कारण लिस्टेड कंपनियों के स्टॉक्स में हफ्ते भर के अंदर ही 100 अरब डॉलर से ज्यादा का नुकसान हुआ था.
राजीव जैन और अडानी की यारी
लेकिन उस वक्त अडानी के लिए GQG Partners के कोफाउंडर और चीफ इंवेस्टमेंट ऑफिसर राजीव जैन ने मदद का हाथ आगे बढ़ाया था. राजीव जैन ने मार्च 2023 में अडानी ग्रुप की चार कंपनियों के स्टॉक्स में करीब 15000 करोड़ रुपए का निवेश किया था. फिर दुनियाभर में वापस से अडानी स्टॉक्स पर लोगों का भरोसा बढ़ने लगा और बाइंग वापस से शुरू हो गई. कुछ दिनों बाद ही अडानी का कमबैक हो गया. इसके बाद से ही दोनों के बीच दोस्ती बढ़ गई. लेकिन अब GQG Partners के कोफाउंडर और चीफ इंवेस्टमेंट ऑफिसर राजीव जैन ने अडानी की कंपनियों पर भरोसा न दिखाकर 16,600 करोड़ का निवेश दूसरे सेक्टर्स में किया है.
यहां खर्च डाले 16000 करोड़
GQG Partners के कोफाउंडर और चीफ इंवेस्टमेंट ऑफिसर राजीव जैन ने साल 2025 की पहली तिमाही ( जनवरी -मार्च) में भारतीय शेयर मार्केट में 16000 करोड़ रुपए का तगड़ा निवेश किया है. ये निवेश तब किया है जब भारतीय शेयर मार्केट में एक बड़ा करेक्शन हुआ है. इसमें गौर करने वाली बात ये है कि पिछले साल कंपनी ने पूरे साल भर में 16000 करोड़ रुपए का निवेश किया था. लेकिन 2025 में केवल तीन महीने में ही इतना निवेश कर दिया.
बता दें, HDFC Bank, ICICI Bank और SBI जैसे बैंकों में GQG ने काफी हिस्सेदारी बढ़ाई है. इसके साथ ही Bharti Airtel और दूसरी यूटिलिटी कंपनियों में मजबूत पोजीशन ली गई है. GQG के भारत पोर्टफोलियो का एक बड़ा हिस्सा इंफ्रास्ट्रक्चर में भी है. वहीं रियल एस्टेट सेक्टर में भी फर्म बुलिश है और लॉन्ग टर्म पोटेंशियल देख रही है.
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