वैभव सूर्यवंशी का ऐतिहासिक 'तूफान', फाइनल में 80 गेंदों पर कूटे 175 रन; इंग्लैंड पस्त

 

स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली/हरारे भारतीय युवा ब्रिगेड ने एक बार फिर दुनिया को अपनी ताकत का अहसास कराया है। हरारे स्पोर्ट्स ग्राउंड पर खेले गए हाई-वोल्टेज फाइनल मुकाबले में टीम इंडिया ने इंग्लैंड को 100 रनों से करारी शिकस्त देकर रिकॉर्ड छठी बार अंडर-19 वर्ल्ड कप की ट्रॉफी अपने नाम कर ली है। इस जीत के सबसे बड़े नायक रहे 14 वर्षीय बल्लेबाजी सनसनी वैभव सूर्यवंशी, जिनकी ऐतिहासिक पारी ने क्रिकेट जगत को दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर दिया।

वैभव की 'विराट' पारी: रिकॉर्ड्स की झड़ी

 

 

​टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी आयुष म्हात्रे की टीम के लिए वैभव सूर्यवंशी ने 'पोस्टर ब्वॉय' वाली भूमिका निभाई। वैभव ने मैदान के चारों ओर चौकों और छक्कों की बरसात करते हुए मात्र 80 गेंदों में 175 रनों की विध्वंसक पारी खेली।

  • बिजली की रफ्तार से शतक: वैभव ने अपना शतक महज 55 गेंदों में पूरा किया, जो इस टूर्नामेंट के इतिहास का दूसरा सबसे तेज शतक है।
  • विशाल स्कोर: उनकी इस पारी की बदौलत भारत ने निर्धारित 50 ओवरों में 9 विकेट खोकर 411 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया।

पहाड़ जैसे लक्ष्य के सामने ढही इंग्लिश टीम

​412 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम भारतीय गेंदबाजों के अनुशासन और दबाव के आगे बिखर गई। हालांकि इंग्लिश बल्लेबाजों ने संघर्ष करने की कोशिश की, लेकिन पूरी टीम 40.2 ओवरों में 311 रन बनाकर ऑलआउट हो गई। भारत की ओर से कप्तानी पारी खेलने वाले आयुष म्हात्रे ने न केवल रणनीतिक कौशल दिखाया, बल्कि टीम के मनोबल को भी ऊंचा रखा।भारत का भविष्य सुरक्षित हाथों में है" > क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि वैभव सूर्यवंशी की यह पारी लंबे समय तक याद रखी जाएगी। महज 14 साल की उम्र में फाइनल जैसे बड़े मंच पर ऐसा प्रदर्शन उनके उज्ज्वल भविष्य का संकेत है।इस जीत के साथ ही भारत ने अंडर-19 क्रिकेट में अपना दबदबा कायम रखा है और दुनिया को बता दिया है कि क्यों उन्हें क्रिकेट की नर्सरी कहा जाता है।

 

न्यूज़ सोर्स : Naradmunilive