शिवपुरी। (निज प्रतिनिधि)
मत्स्य विभाग शिवपुरी में 'प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना' के तहत करोड़ों के फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने फर्जी कोटेशन और दस्तावेजों के जरिए शासन को 32 लाख रुपये की आर्थिक क्षति पहुँचाने के आरोप में तत्कालीन सहायक संचालक सहित पांच लोगों के विरुद्ध गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है।
​इंसुलेटेड वाहन के नाम पर हुआ खेल
जांच में खुलासा हुआ कि वर्ष 2022 में हितग्राही राजू बाथम, अनीता बाथम और रेखा कुशवाहा ने मछली परिवहन के लिए 'इंसुलेटेड वाहन' खरीदने के नाम पर सब्सिडी ली थी। नियमानुसार महिलाओं को 60 प्रतिशत और पुरुषों को 40 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है। आरोपियों ने इंसुलेटेड वाहन के बजाय सामान्य चार सीटर लोडिंग वाहन खरीदे और फर्जी तरीके से इंसुलेटेड बॉक्स लगवाने के बिल पेश कर दिए।
​डिलीवरी से पहले ही लग गए बॉक्स
EOW की जांच में एक चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि वाहनों की आधिकारिक डिलीवरी होने से पहले ही 'गिर्राज जी ऑल सप्लायर' फर्म द्वारा इंसुलेटेड बॉक्स लगाने के बिल जारी कर दिए गए थे। बिना वाहन प्राप्त किए ही कूट रचित दस्तावेज तैयार कर तत्कालीन सहायक संचालक लक्ष्मण प्रसाद रजक ने पद का दुरुपयोग करते हुए राशि जारी कर दी।
​इन पर दर्ज हुआ मामला
EOW ने तत्कालीन सहायक संचालक लक्ष्मण प्रसाद रजक, हितग्राही राजू बाथम (अध्यक्ष, मत्स्य उद्योग सहकारी समिति बैराड़), अनीता बाथम, रेखा कुशवाहा और गिर्राज जी ऑल सप्लायर के संचालक के विरुद्ध धारा 420, 409, 467, 468, 471, 120B भादवि एवं भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है।

न्यूज़ सोर्स : Naradmunilive