मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और DGP  कैलाश मकवाणा ने किया दीप प्रज्वलन; पुलिस शौर्य और तकनीक के समन्वय पर दिया जोर
​भोपाल |कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में आज 'भारतीय पुलिस सेवा संघ (मध्यप्रदेश)' द्वारा आयोजित आईपीएस सर्विस मीट-2026 का भव्य शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर प्रदेश के नेतृत्व और पुलिस प्रशासन के शीर्ष अधिकारियों ने आगामी चुनौतियों और उपलब्धियों पर गहरा मंथन किया।


​1. मुख्यमंत्री के संबोधन के मुख्य बिंदु: 'शौर्य और तकनीक का संगम'
​माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश पुलिस की सराहना करते हुए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं और भविष्य का रोडमैप साझा किया:
​नक्सलवाद का अंत: मुख्यमंत्री ने नक्सलवाद के प्रभावी उन्मूलन को ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।
​पुलिस कल्याण: पदोन्नति (Promotions) के मामलों में शीघ्र निर्णय और नई भर्तियों की प्रक्रिया में तेजी लाने का आश्वासन।
​जीरो टॉलरेंस नीति: संगठित अपराध और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के खिलाफ राज्य सरकार की सख्त नीति।
​आधुनिक पुलिसिंग: साइबर अपराध नियंत्रण और नवीन केंद्रीय कानूनों के सफल क्रियान्वयन की सराहना।
​2. DGP का विजन: 'सिंहस्थ-2028 और भर्ती प्रक्रिया'
​पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा ने वर्ष 2025 की उपलब्धियों का रिपोर्ट कार्ड पेश किया और भविष्य की रणनीति साझा की:
प्रमुख क्षेत्र विवरण/लक्ष्य
सिंहस्थ-2028 करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए भीड़ प्रबंधन (Crowd Management) की तैयारी।
रुकी हुई भर्तियां SI, सूबेदार, ASI (L) और स्टेनो के पदों पर 8 साल बाद भर्ती का प्रस्ताव।
तकनीकी पहल डायल-112 का सुदृढ़ीकरण और ई-जीरो एफआईआर (E-Zero FIR) प्रणाली।
सामाजिक सुरक्षा सेफ क्लिक अभियान, नशा मुक्ति और गुमशुदा बच्चों की दस्तयाबी।
विशेष व्याख्यान: "Inside the Mind’s Eye"
​उद्घाटन सत्र के बाद विख्यात प्रबंधन सलाहकार श्री राजेश पंडित (IIM अहमदाबाद/ISB हैदराबाद से संबद्ध) ने अधिकारियों को तनाव प्रबंधन और निर्णय लेने की क्षमता पर प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि कैसे एक पुलिस अधिकारी अपने 'माइंड्स आई' के माध्यम से जटिल स्थितियों का समाधान कर सकता है।
​4. सर्विस मीट का उद्देश्य: समन्वय और सौहार्द
​दो दिवसीय (16-17 जनवरी) इस आयोजन का मूल उद्देश्य केवल पेशेवर चर्चा नहीं, बल्कि:
​अधिकारियों के बीच आपसी समन्वय को मजबूत करना।
​सांस्कृतिक और पारिवारिक जुड़ाव को बढ़ावा देना।
​मानसिक स्वास्थ्य और कार्य-जीवन संतुलन (Work-Life Balance) पर चर्चा।
​"मध्यप्रदेश पुलिस का अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा देश के लिए उदाहरण है। हम 2026 में जनसेवा के नए कीर्तिमान स्थापित करेंगे।"
— डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री, मध्यप्रदेश

न्यूज़ सोर्स : Prophq