भोपाल/उज्जैन: मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले से मानवता और पुलिस की तत्परता की एक मिसाल सामने आई है। नागदा थाना प्रभारी निरीक्षक अमृतलाल गवली ने अपनी सूझबूझ और त्वरित निर्णय क्षमता से एक युवक को मौत के मुंह से बाहर निकाल लिया। उनकी इस बहादुरी के लिए पुलिस महानिदेशक (DGP) ने उन्हें नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है।
​क्या है पूरा मामला?
​घटना 29 और 30 दिसंबर 2025 की मध्यरात्रि की है। नागदा थाना प्रभारी अमृतलाल गवली रात्रि गश्त पर थे, तभी उन्हें सूचना मिली कि एक युवक ने फांसी लगाकर जान देने की कोशिश की है।
​मामले की गंभीरता को देखते हुए निरीक्षक गवली बिना समय गंवाए तुरंत मौके पर पहुंचे। कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। उन्होंने बिना देरी किए लॉक तोड़ा और अंदर दाखिल हुए। अंदर का नजारा भयावह था; युवक फांसी के फंदे पर लटका हुआ था।
​सराहनीय प्रयास: फंदे से उतारकर दिया CPR
​निरीक्षक गवली ने तुरंत युवक को फंदे से नीचे उतारा। युवक की सांसें थम रही थीं, जिसे देखते हुए उन्होंने तत्काल उसे CPR (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) देना शुरू किया। प्राथमिक उपचार के बाद युवक को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। समय पर मिली मदद और उचित प्राथमिक उपचार के कारण युवक की जान बच गई।
​DGP ने की 10,000 रुपये के पुरस्कार की घोषणा
​मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने निरीक्षक अमृतलाल गवली की इस तत्परता, साहस और संवेदनशीलता की सराहना की है। उनकी उच्च स्तरीय कार्यकुशलता को देखते हुए उन्हें प्रोत्साहन स्वरूप 10,000 रुपये के नकद पुरस्कार से सम्मानित करने का आदेश जारी किया गया है

न्यूज़ सोर्स : Naradmunilivr