सीहोर/भोपाल: आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने सीहोर जिले में करोड़ों रुपये की भूमि और वेयरहाउस की रजिस्ट्री में धोखाधड़ी कर शासन को लाखों रुपये के राजस्व की हानि पहुँचाने का बड़ा खुलासा किया है। इस मामले में EOW ने ₹24.19 लाख की स्टाम्प ड्यूटी चोरी के आरोप में डॉ. रमन गोवर्धन अरोड़ा, सुरेश प्रसाद कौशल और अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है।
​क्या है पूरा मामला?
​जांच में सामने आया कि वर्ष 2019 में ग्राम उदयपुरा (सीहोर) स्थित 1.320 हेक्टेयर भूमि और उस पर निर्मित 2768.38 वर्ग मीटर के वेयरहाउस को यूको बैंक द्वारा ₹1.80 करोड़ में नीलाम किया गया था। उस समय संपत्ति का बाजार मूल्य लगभग ₹4.98 करोड़ आंका गया था।
​परंतु, वर्ष 2021 में आरोपियों ने आपराधिक साजिश रचते हुए इसी संपत्ति को दो अलग-अलग विक्रय पत्रों (Sale Deeds) के माध्यम से मात्र ₹96.51 लाख में बेच दिया।
​धोखाधड़ी का तरीका:
​EOW की जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं:
​क्षेत्रफल कम दिखाया: वास्तविक वेयरहाउस 2768.38 वर्ग मीटर का था, जिसे कागजों में घटाकर केवल 418 वर्ग मीटर दिखाया गया।
​भौतिक सत्यापन में खुला राज: जब EOW ने मौके पर जाकर पैमाइश कराई, तो वेयरहाउस 2306.70 वर्ग मीटर पाया गया। वहां निर्माण तोड़ने का कोई साक्ष्य नहीं मिला, जिससे सिद्ध हुआ कि क्षेत्रफल जानबूझकर कम दिखाया गया।
​गलत जानकारी: एक रजिस्ट्री में भूमि को 'सिंचित कृषि भूमि' बताकर उसकी कीमत कम दिखाई गई ताकि स्टाम्प शुल्क बचाया जा सके।
​इन धाराओं में दर्ज हुआ केस
​शिकायत के सत्यापन और साक्ष्यों के आधार पर EOW ने आरोपियों के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता (IPC) की निम्नलिखित धाराओं के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया है:
​धारा 420: धोखाधड़ी
​धारा 120-बी: आपराधिक षड्यंत्र
​धारा 467, 468: दस्तावेजों में जालसाजी
​धारा 471: जाली दस्तावेजों का असली के रूप में उपयोग
​"आरोपियों ने महत्वपूर्ण तथ्यों को छुपाकर और गलत जानकारी देकर शासन को आर्थिक क्षति पहुँचाई है। मामले की विवेचना जारी है और अन्य संबंधितों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।" — EOW अधिकारी

न्यूज़ सोर्स : Pro