बुरहानपुर पुलिस का मानवीय उपहार, 76 गुम मोबाइल लौटाए
अक्टूबर माह में पुलिस ने प्रदेशभर में अब तक 1,750 से अधिक मोबाइल उनके मालिकों को सौंपे
भोपाल, 31 अक्टूबर 2025। पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा के निर्देशन में मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा तकनीक आधारित जनसेवा को सशक्त करते हुए नागरिकों के गुम एवं चोरी हुए मोबाइल फोन की बरामदगी में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की जा रही है। इसी क्रम में बुरहानपुर पुलिस ने एक और सराहनीय पहल कर जनसेवा का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है।
जिला बुरहानपुर में पुलिस अधीक्षक श्री देवेंद्र कुमार पाटीदार के नेतृत्व में सायबर सेल टीम ने निरंतर तकनीकी प्रयासों और केंद्र सरकार के CEIR पोर्टल की सहायता से कुल 76 गुम मोबाइल फोन ट्रेस कर उनके वास्तविक मालिकों को लौटाया है। बरामद मोबाइल की अनुमानित कीमत लगभग ₹11 लाख 40 हजार आंकी गई है।
बरामद मोबाइलों में कई छात्रों के अध्ययन हेतु उपयोग किए जा रहे फोन भी शामिल हैं। पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मोबाइल उनके वास्तविक मालिकों को लौटाए गए, जिससे नागरिकों के चेहरों पर संतोष और प्रसन्नता की मुस्कान झलक उठी। सायबर सेल की प्रभावी ट्रैकिंग और सतत फॉलोअप की कार्यप्रणाली से यह सफलता प्राप्त हुई।
इससे पूर्व छिंदवाड़ा पुलिस द्वारा दीपावली पर्व पर 201 मोबाइल फोन बरामद कर नागरिकों को “पुलिसीय उपहार” दिया गया था, जिनकी अनुमानित कीमत ₹42 लाख 15 हजार थी।
उल्लेखनीय है कि अक्टूबर माह में मध्यप्रदेश पुलिस ने तकनीकी दक्षता और जनसेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का परिचय देते हुए प्रदेशभर में 1,750 से अधिक मोबाइल फोन उनके वास्तविक मालिकों को लौटाए हैं, जिनकी कुल कीमत कई करोड़ रुपये आंकी गई है। इस उपलब्धि में सिंगरौली (288), विदिशा (275) और इंदौर (272) जिलों का योगदान विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा है।
जनता की मदद करना और उनकी खोई हुई वस्तुओं को वापस दिलाना मध्यप्रदेश पुलिस का मानवीय कर्तव्य है। यह कार्य जनता और पुलिस के बीच भरोसे के रिश्ते को और सशक्त बनाता है।
राशिफल 6 अप्रैल 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
पीएम आवास से साकार हुआ सपना: कांति को मिला अपना आशियाना
मरीज को मिला समय पर उपचार, सुकमा के चिकित्सकों की टीम ने दिखाई तत्परता
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष यज्ञदत्त शर्मा की जयंती पर पुष्पांजलि अर्पित की
पशुपालन की विभिन्न योजनाओं से किसान होंगे आत्मनिर्भर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव