भारत से डीजल खरीद पर रोक लगाएगा यूक्रेन, 1 अक्टूबर से लागू होगा फैसला
नई दिल्ली/ कीव : रूस के साथ चल रही जंग के बीच यूक्रेन अब भारत से आने वाले डीजल पर रोक लगाएगा. यह रोक 1 अक्टूबर से प्रभावी होगी. इसकी जानकारी यूक्रेन की एनर्जी कंसल्टेंसी एनकॉर ने सोमवार को यह जानकारी दी. एनकॉर का कहना है रूस से भारत काफी अधिक कच्चा तेल खरीदता है. इस वजह से यूक्रेन को यह कदम उठाना पड़ रहा है.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार एनकॉर का कहना है कि भारत, रूस से बहुत ज्यादा कच्चा तेल खरीदता है इस वजह से यूक्रेन को यह कदम उठाना पड़ रहा है.
एनकॉर ने कहा कि रूस ड्रोन और मिसाइल से लगातार यूक्रेनी तेल रिफाइनरियों को निशाना बना रहा है. एनकॉर का कहना है कि यूक्रेन की सुरक्षा एजेंसियों ने आदेश दिया है कि भारत से आने वाले डीजल के हर कंसाइनमेंट की जांच होगी. यह जांच लैब में होगी ताकि पता चल सके कि उसमें रूसी तेल तो नहीं मिला है.
यूक्रेन ने अगस्त में भारत से 119000 टन डीजल खरीदा
एनकॉर ने बताया कि यूक्रेन ने अगस्त में भारत से 119,000 टन डीजल खरीदा था. यह यूक्रेन के कुल डीजल आयात का 18 फीसदी था. एक अन्य कंसल्टेंसी ए-95 ने इस महीने की शुरुआत में कहा था कि इस साल गर्मी के महीने में यूक्रेन की एक बड़ी तेल रिफाइनरी खराब हो गई थी, जिस कारण व्यापारियों को भारत से डीजल खरीदकर इसकी भरपाई करनी पड़ी. साथ ही यूक्रेनी रक्षा मंत्रालय ने भी भारत से कुछ डीजल खरीदा था, क्योंकि वह सोवियत के पुराने मानकों को पूरा करता है.
रूसी तेल भारत क्यों खरीद रहा ?
भारत को रूस सस्ता कच्चा तेल दे रहा है. वहीं दूसरी तरफ यूक्रेन ड्रोन हमलों से रूस के तेल रिफाइनरी को निशाना बना रहा है. रूस अपने तेल को सस्ती कीमत पर बेचना चाहता है. भारत ने रूस के इस संकट को एक अवसर में बदल दिया है. रूस और मध्य पूर्व के तेल की कीमतों में काफी अंतर है. इस कारण से भारतीय तेल रिफाइनरी कंपनियां रूसी तेल खरीदने में रुचि ले रही हैं. रूसी तेल खरीदने को लेकर ही अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगाया है.
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